क्षेत्र के आधार पर स्नातक स्तर पर अध्ययनरत् छात्राओं की शैक्षिक उपलब्धि पर उनके सामाजिक-आर्थिक स्तर के प्रभाव का अध्ययन
Abstract
सारांश - प्रस्तुत समस्या कथन क्षेत्र के आधार पर स्नातक स्तर पर अध्ययनरत् छात्राओं की शैक्षिक उपलब्धि पर उनके सामाजिक-आर्थिक स्तर के प्रभाव का अध्ययन किया गया हैं। प्रस्तुत शोध अध्ययन में वर्णनात्मक अनुसंधान के अन्तर्गत सर्वेक्षण विधि का प्रयोग किया जाता है। प्रस्तुत शोध अध्ययन में वाराणसी मण्डल के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के महाविद्यालयों में अध्ययनरत् कला एवं विज्ञान वर्ग की समस्त छात्राएँ जनसंख्या के रूप में है। इस अध्ययन हेतु वाराणसी मण्डल के जनपद जौनपुर एवं जनपद गाजीपुर के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्थित महाविद्यालयों में अध्ययनरत् 400 छात्राएँ न्यादर्श के रूप में सम्मिलित की गयी है। प्रस्तुत शोध-प्रबन्ध के अध्ययन में छात्राओं के सामाजिक-आर्थिक स्तर का पता लगाने हेतु आर.एल. भारद्वाज द्वारा निर्मित ‘सोशियो-इकोनाॅमिक स्टेट्स स्केल’ जो नेशनल साइकोलाॅजिकल कार्पोरेशन, आगरा द्वारा पब्लिशिड है का प्रयोग किया गया है। शैक्षिक उपलब्धि का मापन हेतु स्नातक स्तर पर ‘शैक्षिक उपलब्धि मापनी’ का मनोवैज्ञानिक प्रयोगशाला में मापनी/उपकरण उपलब्ध न होने के कारण शोधकत्र्री द्वारा स्नातक स्तर के (बी0ए0/बी0एस-सी0) की तृतीय वर्ष की छात्राओं को सम्मिलित किया गया जिसमें पिछले दो वर्षों की परीक्षा में प्राप्त प्राप्तांकों के प्रतिशत को शैक्षिक उपलब्धि के रूप में सम्मिलित किया गया है। आँकड़ों के विश्लेषण एवं उनकी व्याख्या हेतु एनोवा एवं टी-अनुपात सांख्यिकी विधि का प्रयोग किया गया। अध्ययन के निष्कर्ष में पाया गया कि - स्नातक स्तर के उच्च, मध्यम एवं निम्न सामाजिक-आर्थिक स्तर का शहरी क्षेत्र की छात्राओं की शैक्षिक उपलब्धि एक-दूसरे के समान है। अतः शहरी क्षेत्र की छात्राओं के शैक्षिक उपलब्धि पर सामाजिक-आर्थिक स्तर का प्रभाव नहीं पाया गया जबकि स्नातक स्तर के उच्च, मध्यम एवं निम्न सामाजिक-आर्थिक स्तर का ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं की शैक्षिक उपलब्धि में अन्तर है अर्थात् ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं का सामाजिक-आर्थिक स्तर उनके शैक्षिक उपलब्धि को प्रभावित करता है।
Keywords:
स्नातक स्तर, शहरी, ग्रामीण, छात्राएँ, सामाजिक-आर्थिक स्तर, शैक्षिक उपलब्धि, प्रभाव।References
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