जनपद फर्रूखाबाद के माध्यमिक स्तर के कला एवं विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों की सामाजिक परिपक्वता का अध्ययन
Keywords:
माध्यमिक स्तर, विद्यार्थी, सामाजिक परिपक्वता कला वर्ग, विज्ञान वर्ग।Abstract
मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। उसका सर्वांगीण समाज के विभिन्न पहलुओं के माध्यम से ही सम्भव हो पाता है। माध्यमिक स्तर के विद्यार्थी किशोरावस्था में होते हैं। इस अवस्था में इनका सामाजिक विकास तीव्र गति से होता है। ऐसे में यह जानना आवश्यक है कि इस अवस्था में विद्यार्थी सामाजिक रूप से कितने परिपक्व होते हैं तथा विभिन्न चरों का उनकी सामाजिक परिपक्वता का क्या प्रभाव पड़ता है। इसी जांच हेतु यह अध्ययन किया गया है। अध्ययन का उद्देश्य माध्यमिक स्तर के कला एवं विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों की सामाजिक परिपक्वता पर अध्ययन करना है। यह अध्ययन सर्वेक्षणात्मक प्रकृति का है जिसमें वर्णनात्मक अनुसंधान की सर्वेक्षण विधि का प्रयोग किया गया है। प्रस्तुत शोधकार्य में उत्तर प्रदेश राज्य के फर्रूखाबाद जनपद के उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त विद्यालयों में अध्ययनरत सभी विद्यार्थियों को जनसंख्या माना गया है तथा न्यादर्श के रूप में कक्षा 11 के कुल 200 विद्यार्थियों को यादृच्छिक रूप चयनित किया गया है। जिनमें 120 विद्यार्थी कला वर्ग के तथा 80 विद्यार्थी विज्ञान वर्ग के हैं। सामाजिक परिपक्वता का मापन करने के लिये नलिनी राव (2011) द्वारा निर्मित तथा मानकीकृत ‘सोशल मेच्योरिटी स्केल (सामाजिक परिपक्वता मापनी)’ का प्रयोग किया गया है। प्रस्तुत अध्ययन में मध्यमान, मानक विचलन, टी-परीक्षण का प्रयोग सांख्यिकीय विधियों के रूप में किया गया है। अध्ययन के निष्कर्ष में पाया गया कि माध्यमिक स्तर के कला एवं विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों की सामाजिक परिपक्वता में सार्थक अन्तर है। माध्यमिक स्तर के कला वर्ग के छात्र एवं छात्राओं की सामाजिक परिपक्वता में कोई सार्थक अन्तर नहीं हैं। इसी प्रकार विज्ञान वर्ग के छात्र एवं छात्राओं की सामाजिक परिपक्वता में भी कोई सार्थक अन्तर नहीं पाया गया।
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